रूह तक

tera jana
मेरे ख्वाबों में अब तू आने लगी है 
मेरे रूह पर हक़ तू जताने लगाने लगी है 
इस चाहत के दौर में अब क्या करू 
अब तो तू साँसों में भी समाने लगी है। 
                                             - श्याम

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