Meri Galat Fahmi


My Mistakes

चाँद की शौक में आसमाँ को देखने वालों 
इक नजर इधर भी डालो 
हम भी कभी किसी के चाँद हुआ करते थे 
मुझे देखे बिना वो इफ़्तार नहीं करते थे 
पर बादलों के झुण्ड ने मुझे धुंधला बना दिया 
और एक ही गलती पर उन्होने हमें भुला दिया 
जिन्हें मैं ता उमर मासूम समझता रहा 
उन्होने ही मेरे जख्मों को नासूर बना दिया। 
                                                       -विवेक श्रीवास्तव ☺👎

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