"तेरे यादों का साया "

your emagination
नहीं चाहता बैठना एक पल भी इस बेबाक तन्हाई में मैं 
घिर जाता हूँ तेरे यादों के साये में मैं 
भूल जाता हूँ अपने ही वजूद को 
क्यूंकि खुद को तेरे पास पाता हूँ मैं। 
                                     -विवेक श्रीवास्तव ☺

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