"ऐ ज़िन्दगी एक नयी शुरुआत करते हैं "
ऐ ज़िंदगी एक नयी शुरुआत करते हैं
तुझे कुछ और भी ख़ास करते हैं
साथ अपनों का छूटा तो गम नहीं प्यार जो मिला था वो तो कम नहीं
चलो खुशियों की मिठास भरते हैं
ये जिंदगी एक नयी शुरुआत करते हैं। ....
यही तो खेल था जो मैंने जाना नहीं
खिलौनों को खेलना है, उनको सजाना नहीं
चलो इससे गुस्ताखी करते हैं ज़िन्दगी भर के लिए बेरुखी करते हैं
हाँ पता है वो दौर आएगा नया सूरज चमचमायेगा
आँख मूँद कर विश्वास करते हैं
ऐ ज़िन्दगी एक नयी शुरुआत करते हैं। .....
परिन्दों का घर उजड़ा है अँधियों में ,यह मानते हैं
अँधियाँ आएँगी क्या वह नहीं जानते हैं
वेशक हताश हुआ करते हैं पर बैठ कर निराश नहीं हुआ करते हैं
इस पल में कुछ विश्वास भरते हैं
ये जिंदगी एक नयी शुरुआत करते हैं। ....
फूल खिलते हैं ,गिरते हैं पेड़ नहीं सूखा करते
ग़मों को देखकर खुशियों की आशाएं नहीं छोड़ा करते
चलो फिर से बहारों का आगाज करते हैं
ये जिंदगी एक नयी शुरुआत करते हैं। ....
सागर से यूँ ही नदियां नहीं मिला करते
पत्थरों को काट कर हैं आगे बढ़ा करते
चलो एक नया पथ निर्माण करते हैं
ये जिंदगी एक नयी शुरुआत करते हैं। ....
ऊंचाई से गिरना ही शान हुआ करता है
शमा वही है जो अँधियों में जला करता है
चलो इस सोच में भी सादाब भरते हैं
ये जिंदगी एक नयी शुरुआत करते हैं। ....
विवेक ☺






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